दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 603 / 950, कुल 22,784 भजनों में से)
14449
हमें तो जोगनिया बनाए गयो री बांके बिहारी कान्हा देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14450
कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे लताओं में ब्रज की गुजारा करेंगे देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14451
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है करते हो तुम कन्हैया देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14452
बांके बिहारी मुझको देना सहारा कहीं छूट जाए न दामन तुम्हारा देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14453
गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो पारंपरिक कीर्तन
श्री कृष्ण
14454
पागल बन जा रे मनवा राधे नाम में देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14455
ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन वो तो गली गली हरी गुण गाने लगी देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14456
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी)
श्री कृष्ण
14457
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14458
मीठे रस से भरयो री राधा रानी लागे मने प्यारो प्यारो यमुना जी को मीठो पानी लागे देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14459
बता मेरे यार सुदामा रे (भाई घणे दिना में आया) साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी)
श्री कृष्ण
14460
नैनन में श्याम समाए गयो मोहे प्रेम को रोग लगाए गयो देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14461
मुझे अपने ही रंग में रंग ले मेरे यार सांवरे साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी)
श्री कृष्ण
14462
पकड़ लो हाथ बनवारी नहीं तो डूब जाएंगे देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14463
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम आते हैं देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14464
वृंदावन जाऊंगी सखी री मेरी कुटिया वहीं बनाऊंगी साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी)
श्री कृष्ण
14465
कन्हैया ले चल परली पार संजय मित्तल
श्री कृष्ण
14466
किशोरी कुछ ऐसा इंतज़ाम हो जाए जुबां पे राधा राधा नाम हो जाए देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14467
छलिया का भेष बनाया श्याम चूड़ी बेचने आया साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी)
श्री कृष्ण
14468
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14469
मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई मीरा बाई
श्री कृष्ण
14470
अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी)
श्री कृष्ण
14471
कान्हा रे थोड़ा सा प्यार दे अपने ही रंग में रंग ले देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण
14472
बांके बिहारी मुझको देना सहारा कहीं छूट जाए न दामन तुम्हारा साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी)
श्री कृष्ण