साई के गुण गाता रहे

पारंपरिक
माता लक्ष्मी भजन साईं भजन lakshmi
॥ पावन पाठ ॥

साई के गुण गाता रहे,

शिरडी वाले बंदा तेरा,

लक्ष्मी ने बाबा को मनाया,

बेजा माँ ने खाना खिलाया,

तेरे नाम का खाता रहे,

शिरडी वाले बंदा तेरा,

गूंगे बोल रहे है बोली,

सारी दुनिया जय जय बोली,

साई भभूति लाता रहे,

शिरडी वाले बंदा तेरा,

चारो धर्म को तुमने जगाया,

साई जी रेहमत बन के आया,

तेरी दुआये पाता रहे,

शिरडी वाले बंदा तेरा,

पांच घरो से बिक्शा लाये जिनसे मांगे उन्ही को खिलाये,

तेरा लंगर लुटाता रहे शिरडी वाले बंदा तेरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।