आँखों में जल बिंदु हैं, हृदय में विश्वास।
खाटू वाले सांवरे, पूरण कीजे आस॥
आँखों में आँसू लेके दर पे तेरे आया हूँ, खाली हाथ आया हूँ झोली फैलाया हूँ।
आँखों में आँसू लेके दर पे तेरे आया हूँ॥
दुनिया ने ठुकराया मुझको अपना कोई ना मिला।
तेरी चौखट पे आके सारा दुखड़ा मिटा॥
तूने ही थामा हाथ जब मैं घबराया हूँ।
आँखों में आँसू लेके दर पे तेरे आया हूँ॥
लाखों को तारा बाबा तूने इस संसार में।
मेरी भी अर्जी सुन लो अपने दरबार में॥
तेरे सिवा किसी के आगे सिर ना झुकाया हूँ।
आँखों में आँसू लेके दर पे तेरे आया हूँ॥
संजय मित्तल गाए रो रो के तराने।
खाटू वाले श्याम ही मेरी पीर जाने॥
तेरे चरणों में अपनी जिंदगी लुटाया हूँ।
आँखों में आँसू लेके दर पे तेरे आया हूँ॥
आँसू पोंछे भक्त के, दीनानाथ दयाल।
संजय मित्तल को किए, पल में निहाल निहाल॥