ऐसी कृपा करो श्री राधे चरणों में तेरे स्थान रहे

इंद्रेश जी महाराज
श्री कृष्ण भजन भजन इंद्रेश जी महाराज
॥ दोहा ॥

कृपा मई वृषभानु कुंवरी, सुन लीजो अरदास।
इंद्रेश तेरे चरणन की, निसदिन राखो आस॥

॥ चौपाई ॥

ऐसी कृपा करो श्री राधे, चरणों में तेरे स्थान रहे।
जब तक तन में प्राण रहे, जुबां पे राधा नाम रहे॥
ऐसी कृपा करो श्री राधे॥

संसार का कोई लोभ नहीं, धन दौलत की कोई चाह नहीं।
बरसाने की धूल मिले, फिर कोई परवाह नहीं॥
निसदिन तेरा ध्यान रहे, चरणों में तेरे स्थान रहे।
ऐसी कृपा करो श्री राधे॥

श्याम सुंदर भी रीझ जाएं, जब राधा नाम पुकारूँ।
तेरे चरणों में लाडली, ये जीवन अपना वारूँ॥
मन में बस यही अरमान रहे, चरणों में तेरे स्थान रहे।
ऐसी कृपा करो श्री राधे॥

इंद्रेश कहे करुणामयी, तुम हो भक्तन की रखवाली।
तेरे दर से कभी न लौटे, कोई भी झोली खाली॥
सदा श्यामा का वरदान रहे, चरणों में तेरे स्थान रहे।
ऐसी कृपा करो श्री राधे॥

॥ दोहा ॥

राधा चरण सरोज में, मन मधुकर हो लीन।
इंद्रेश पर कृपा करो, जानि अपनो दीन॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

संसार की नश्वर वस्तुओं की उपेक्षा कर केवल श्री राधा रानी के पावन चरण कमलों में अनन्य वास की प्रार्थना।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।