अच्युतं केशवं रामनारायणं, कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम्।
श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं, जानकीनायकं रामचंद्रं भजे॥
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम, राम नारायणम जानकी वल्लभम॥
कौन कहते हैं भगवान आते नहीं, तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं।
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम, राम नारायणम जानकी वल्लभम॥
कौन कहते हैं भगवान खाते नहीं, बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं।
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम, राम नारायणम जानकी वल्लभम॥
कौन कहते हैं भगवान सोते नहीं, लोरी यशोदा के जैसे सुनाते नहीं।
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम, राम नारायणम जानकी वल्लभम॥
कौन कहते हैं भगवान नाचते नहीं, गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं।
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम, राम नारायणम जानकी वल्लभम॥
नाम जपते चलो काम करते चलो, हर समय कृष्ण का ध्यान धरते चलो।
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम, राम नारायणम जानकी वल्लभम॥