अरि राम जी के भइले जनमवा

संत तुलसीदास
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अरि अवध में बाजै बधैया,

कौशल्या के ललना भई,

अरे नौमी तिथि अति शीत न घामा,

कौशल्या के ललना भई

अरि राम जी के भइले जनमवा

चला हो, करि आई दरशनवा.

रानी कौशल्या अरि पलना झुलावैं....

रानी कौशल्या पलना झुलावैं,

पलना झुलावैं, गुइयाँ पलना झुलावैं

पलना झुलावैं रामा पलना झुलावैं

रानी कौशल्या पलना झुलावैं

देखि के विहसे परनवा

माई कौशल्या बलि बलि जावैं ....

प्रकटे हैं राम भगवनवा

होत अनंद, अवध नगरी में....

शोभवा न जाई बरनवा

तुलसीदास, स्वामी सुख सागर....

सुन्दर लाल सलोनवा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।