चित करदा मैं दिल च वसावा

पारंपरिक
माता सरस्वती भजन बाबा बालक नाथ भजन saraswati
॥ पावन पाठ ॥

चित करदा मैं दिल च वसावा वे जोगी तस्वीर तेरी नु,

एहनु चुम के मैं सीने नाल लावा,

वे जोगी तस्वीर तेरी नु........

पहला उठ के सवीरे एहनु देख्दा,

हाथ जोड़ के मैं मथा पहला टेक दा,

शीश शारदा दे नाल मैं झुकवा जोगी तस्वीर तेरी नु,

वेखा मूर्ति नु लगे जोगी हसदा,

तेरे नैना विच रभी नूर वसदा,

किवे नजरा तो भरे मैं हटावा वे जोगी तस्वीर तेरी नु,

बुहा दिल वाला रख्या मैं खोल वे,

रही आख दा है वस् मेरे कॉल वे,

गुफा वालिया मैं कदे न भुलावा वे जोगी तस्वीर तेरी नु,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।