धन धन गुरु रविदास जी

संत रविदास
सूर्य देव भजन गुरुदेव भजन surya
॥ पावन पाठ ॥

धन धन गुरु रविदास जी सुन लो गरीबा दी पुकार एह,

वेहमा अते भरमा च शहंशा डूभी जांदा सारा संसार है,

धन धन गुरु रविदास जी सुन लो गरीबा दी पुकार एह,

छूट छात दी इसी बीमारी जड़ तो तुसी मुका दिति,

धर्म दे ठेकेदारा ने ओह जग विच फेर फैला दिति ,

सच वाले भूले उपदेश नु बन लिया पल्ले एहंकार है,

धन धन गुरु रविदास जी सुन लो गरीबा दी पुकार एह,

मनु समृद्धि वाला हो रहा प्रचार एथे,

वाणी वाले वाक् सतगुरु फेरे आंके मार एथे,

गावे कोई महिमा मीरा बन के गुरु गुरु करे ओह्दी तार है,

धन धन गुरु रविदास जी सुन लो गरीबा दी पुकार एह,

नाम तेरे दी आरती साहिबा ना कोई एथे करदा,

हूँ ता बंदा बन्दियाँ दा ही होके बह के भर दा,

मोह माया दे वस् होके सहरेआम विक दा बाजार है,

वेहमा अते भरमा च शहंशा डूभी जांदा सारा संसार है,

धन धन गुरु रविदास जी सुन लो गरीबा दी पुकार एह,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।