शिव की करो आराधना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव की करो आराधना |

सुनते हैं वो हर प्रार्थना ||

वो सब के पालनहारे हैं, श्रृष्टि के रचना कार हैं |

उनकी शरण मे जो गया, उस भक्त का उधार है |

चरणों मे उनके बैठना, हाथो से उनको थामना ||

भोले हैं वो प्यारे भी हैं, सब देव मे न्यारे भी है |

माना गले मे सर्प भी, त्रिशूल वो थामें भी हैं |

त्रिदेव हैं, त्रिनेत्र हैं, जाने वो सब की भावना ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।