जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा |

माता जाकी पारवती, पिता महादेवा ||

एक दन्त दयावन्त, चार भुजा धारी |

माथे सिन्धुर सोहे, मुसे की सवारी ||

अंधे को आँख देत, कोडी को काया |

बाँजन को पुत्र देत, निर्धन को माया ||

पान चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा |

लडुवन का भोग लगे, संत करे सेवा ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।