शम्भू मेरे शंकर मेरे कब होंगे दर्शन तेरे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शम्भू मेरे, शंकर मेरे, कब होंगे दर्शन तेरे |

अखियन मे आस लेके, दर्शन की प्यास लेके,

आयीं हूँ मै द्वार तेरे ||

धूनी रमाये, समाधी लगाये गंगा किनारे बैठा है तू |

भंग चड़ाए भसम लगाये मरघट पे लेता है तू |

हो के मगन मै गाऊं गुण तेरे ||

तेरे चरण मे, तेरी शरण मे, आये है हम शंकर |

भक्ति का ज्ञान दे, मुक्ति का दान दे, हम को हे शिव शुबंकर |

तन मन हमारा अर्पण तेरे ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।