पधारो म्हारे आंगणिए

सौरभ मधुकर
माँ गंगा भजन विविध भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

दादीजी थारो खूब करा मनुहार जी

पधारो म्हारे आंगणिए

जगदम्बा थारो खूब करां मनुहार जी

पधारो म्हारे आंगणिए

सती दादी थारो खूब करां मनुहार जी

पधारो म्हारे आंगणिए

गंगाजल की झारी ल्यायो

चांदी की चौकी मंगवायो

मइया थारा देऊं चरण पखार जी

ओ दादी.. थारा देऊं चरण पखार जी

पधारो म्हारे आंगणिए

जगदम्बा थारो खूब करां मनुहार जी

पधारो म्हारे आंगणिए

संपर्क - +919831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।