आज शनिवार है शनि देवा का वार है

पारंपरिक
शनि देव भजन शनि देव भजन shani
॥ पावन पाठ ॥

आज शनिवार है शनि देवा का वार है,

शिंगणा पुर दरबार है सूर्ये पुत्र छाया नंदन करते वेडा पार है,

आज शनिवार है ...

सब देवो में शनिदेवा नया दीश कहलाते है,

जैसे कर्म करे गा इंसान वैसा फल दिलाते है,

महिमा अप्रम पार है शनि देव का वार है,

सूर्ये पुत्र छाया नंदन करते वेडा पार है,

आज शनिवार है ...

यमराज और यमुना मैया भाई बहन कहाते है,

छाया मात के पुत्र ये बेडा पार लगाते है,

करते भव से पार है शनि देव का वार है,

सूर्ये पुत्र छाया नंदन करते वेडा पार है,

आज शनिवार है ...

शनिवार को शनि मंदिर में जा जो तेल चढ़ाये गा,

काली उदंड और तिल कील से पूजन जो करवाए गा,

पाता इनका प्यार है शनिदेव का बार है,

सूर्ये पुत्र छाया नंदन करते वेडा पार है,

आज शनिवार है ...

शनि देव को लोहा और मेहसी लगदी प्यारी है,

नीलाम्बर में साज रही शनिदेव की मूरत न्यारी है,

होती जय जय कार है शनिदेव का वार है,

सूर्ये पुत्र छाया नंदन करते वेडा पार है,

आज शनिवार है ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।