साई का दर है सुहाना

पारंपरिक
माँ गंगा भजन साईं भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

साई का दर है सुहाना चलो भक्तो मिल के ,

चलो भक्तो मिल के चलो भक्तो मिल के,

भक्तो का दिल भी दीवाना चलो शिरडी मिल के,

साई का दर है सुहाना......

श्री सतगुरु साई ने सब को भुलाया,

साई की महिमा गाये चलो भक्तो मिल के,

गंगा जल दूध से साई को नेहलाये,

साई को चन्दन लगाए अब तो चलो भगतो मिल के,

साई के तन पे चादर चढ़ाओ,

जय बोलो सतगुरु चलो भक्तो मिल के,

जय जय साई बोलो साई चलो भक्तो मिल के,

साई का दर है सुहाना ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।