गुरु नानक फड़ लई बांह जी हूँ डर काहदा

गुरु नानक देव जी
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गुरु नानक फड़ लई बांह जी हूँ डर काहदा,

साढ़े सिर ते गुरा दी छाँह जी हूँ डर काहदा,

हर पासे ने खुशिया खेड़े,

सतगुरु आये गरीबा वेहड़े,

मैं बलहारे जावा, जी हूँ डर काहदा....

गुरुनानक जी कर्म कमाया,

भुलैया ताहि रस्ते पाया,

दसया असल गुरुआ जी हूँ डर काहदा.......

ऐसा नाम रंगन विच रंगिया,

सो मिल्या जो मुहो मंगियां,

जरा न किती ना जी हूँ डर काहदा.......

सच लिखिया दिल भाग लिखारी,

गुरु मख हसे ओह्दी खेड़ निराली,

जो वसदा हर था, जी हूँ डर काहदा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।