वंदना है वंदना तेरे चरणों में प्रभु

पारंपरिक
सूर्य देव भजन विविध भजन surya
॥ पावन पाठ ॥

सुख चैन दो सब को वला,

गम हो न किसी के संग न,

वंदना है वंदना तेरे चरणों में प्रभु,

अपने जनहो आगयाकारी खुद करे सेवा माँ बाप की,

अम्नो चैन की महके खुशबू दृस्टि बन के रहे आप की,

कोई किसी का बुरा न सोचे प्यार का टूटे कंद न,

वंदना है वंदना तेरे चरणों में प्रभु,

चाँद सी ठंडक से देना कब के सेहराको सरक,

जो मांगे सूर्य की गर्मी उसको तुम देना तपस,

सब को देना तंदरुस्ती दुःख से लड़े को जंग न,

वंदना है वंदना तेरे चरणों में प्रभु,

कोई बिसर के तेरे नाम को कुछ गलत कर पाए न,

सद भुधि देदे सबको कोई किसी को रुलाये न,

रख लियो चरना कमल में और कोई उमंग न,

वंदना है वंदना तेरे चरणों में प्रभु,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।