मन मोहना बड़े झूठे हार के हार नहीं माने

लता मंगेशकर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन मोहना बड़े झूठे,

हार के हार नहीं माने |

बन के खिलाडी पिया,

निकले अनाड़ी |

मोसे बईमानी की,

मुझ से ही रूठे ||

तुम्हारी यह बंसी कहना,

बनी गल फंसी |

तान सूना के मेरा,

तन मन लूटे ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।