जब जानकी नाथ सहाय करे

संत तुलसीदास
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जब जानकी नाथ सहाय करे,

तब कौन बिगाड़ करे नर तेरो

सूरज, मंगल, सोम, भृगुसुत

बुध और गुरु वरदायक तेरो

राहु केतु की नाही गम्यता

संग शनिचर हॉट उचेरो

दुष्ट दुसाहसन विमल द्रौपदी,

चीर उतार कुमन्त्र फेरो

जाकी सहाय करी करूणानिधि

बढ़ गए चीर के मार घनेरो

जाकी सहाय करी करूणानिधि

ताके जगत में भाग बड़ेरो

रघुवंशी संतन सुखदायी

तुलसीदास चरनन को चेरो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।