कर किरपा तेरे गुण गावा

गुरु नानक देव जी
सूर्य देव भजन गुरुदेव भजन surya
॥ पावन पाठ ॥

कर किरपा तेरे गुण गावा,

नानक नाम जपत सुख पावा,

तू वड दाता अन्तर्यामी,

सब मे हैं रविया पुरण प्रभ स्वामी,

कर कृपा ......

मेरे प्रभ प्रीतम प्राण अधारा,

हॅव सूंड़-सूंड़ जीवा नाम तुमारा,

कर कृपा ....

तेरी शरण मेरे सतगुुरु मेरे पूरे,

मन निर्मल होये संता दूरे,

कर कृपा .....

चरण कमल हिर्दय उरधारे,

तेरे दर्शन कऊ जाई बल्हारे,

कर कृपा......

कर कृपा तेरे गुण गावा,

नानक नाम जपत सुख पावा,

कर किरपा.....

सौरभ सोनी

सरिया, गिरिडीह

झारखंड।।

8210062078

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।