अरदास मालका चरना विच तेरे जपो

गुरु नानक देव जी
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॥ पावन पाठ ॥

दुःख कट दुनिया दे वंड खुशियाँ खेड़े,

अरदास मालका चरना विच तेरे जपो,

मेनू प्यार करन दी दाता जांच सिखा दे,

कदे वैर इरखा ना मन विच आवे,

यो दूर ने तेथो आ जावन नेड़े,

अरदास मालका चरना विच तेरे जपो,

सारी दुनिया दे विच कोई गरीब न हॉवे,

ना कोई एसा जिहनू रोटी नसीब न हॉवे,

रहमत करी गुरु नानक मेरी,

अरदास मालका चरना विच तेरे जपो,

जिस घर छा हैनी उस घर रुख होजे,

जिस घर पूत है उस घर पूत होजे,

सदरा पुरियां करी गुरु मेरे,

अरदास मालका चरना विच तेरे जपो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।