रंग दे रंग दे श्याम रंग दे

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रंग दे रंग दे श्याम रंग दे श्याम रंग दे,

अपने रंग में श्याम हमें रंग दे,

भगती के श्याम रंग में घनश्याम हमें रंग दे,

इतना सा कर दे काम हमे अपने रंग में रंगदे,

रंग दे रंग दे श्याम रंग दे........

लाल गुलाभी नीला पीला हारा न रंगवाउ गा,

श्याम मेरा जिस रंग में रंगे वही रंग रंगवाउ गा,

तू दे के अपना नाम हमें अपने रंग में रंगदे,

इतना सा कर दे काम हमे अपने रंग में रंगदे,

रंग दे रंग दे श्याम रंग दे........

मीरा को रंग डाला तूने रंगा है परलाद को,

हिरणा कशप को संगारा भूले न इस याद को,

हम जपे अभी नाम हमें अपने रंग में रंगदे,

इतना सा कर दे काम हमे अपने रंग में रंगदे,

रंग दे रंग दे श्याम रंग दे........

नारद रंगा सूरदास और रंगा है रस खान को,

तेरी रंग की भक्ति देती दत्ता जी पहचान को,

तेरी नाम में आराम हमें अपने रंग में रंग दे,

इतना सा कर दे काम हमे अपने रंग में रंगदे,

रंग दे रंग दे श्याम रंग दे........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।