आया बाबा का गुरुवार आया

पारंपरिक
माँ गंगा भजन साईं भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

गंगा जल और दूध माँगा कर साई को नेहला दो,

साई को नेहला दो माथे चन्दन तिलक लगा दो,

आया बाबा का गुरुवार आया साई बाबा का तियेवार आया,

गुरवार के दिन है जो जन घर में संध्या करवाते ,

श्रद्धा भक्ति से जो चरणों में साई के झुक जाते ,

बाबा उनकी मनोकामना पूर्ण करने आते,

सारे संकट काटने खुशियों का तोफा दे जाते,

आया बाबा का गुरुवार आया......

प्रेम पुष्प के हार बना कर बाबा पहनाओ,

प्यारी एक चदरियाँ ला कर बाबा को ओह डाओ,

मीठे मीठे फल ले आओ ला कर भोग लगाओ,

भोग लगा कर बाबा की फिर झूठन उनकी खाओ,

आया बाबा का गुरुवार आया.........

चादन धुप से वातावरण को पाक पविरत बनाओ,

अगरित कपूर की बाती बन सच्ची ज्योत जगाओ,

ढोल नगाड़े जहांज मंजीरा भक्तो आज भजाओ,.

पाओ में घुंघरू बाँध के नाचो झुमो और लेहराओ,

आया बाबा का गुरुवार आया

गुरु वार का दिन बाबा को लगता है बड़ा प्यारा,

आरती करलो साई बाबा की लो शुभाष सहारा,

साई नाथ को सच्चे दिल से भक्तो आज मनाओ,

थोड़ी सी श्रदा दिखा कर बेशुमार धन पाओ.

आया बाबा का गुरुवार आया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।