स्वच्छ रहे मेरा गाँव स्वच्छ रहे मेरा देश

पारंपरिक
माँ गंगा भजन देश भक्ति भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

स्वच्छ रहे मेरा गाँव स्वच्छ रहे मेरा देश,

स्वच्छ बने यहाँ धरा स्वच्छ बने भारत देश,

स्वच्छ रहे हिमालय पर्वत, स्वच्छ रहे विंध्याचल,

स्वच्छ बने गंगा यमुना, स्वच्छ बने रेवा रत्नेश,

स्वच्छ रहे मेरा गाँव स्वच्छ रहे मेरा देश.........

स्वच्छ रहे घर आँगन ओर स्वच्छ रहे शहर शहर,

गली मोहल्ले बाग बगीचे ओर वहा का परिवेश,

स्वच्छ रहे मेरा गाँव स्वच्छ रहे मेरा देश.........

स्वच्छ रहे विद्यालय ओर स्वच्छ रहे शौचालय,

आओ सब मिल करे स्वच्छता, तो बने स्वच्छ भारत देश,

स्वच्छ रहे मेरा गाँव स्वच्छ रहे मेरा देश.........

गीत रचना - रामचन्द्र शर्मा

बिरगढी, कुरावर जि. - राजगढ (म.प्र)

मोबाईल नं. - 9575344933

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।