गणपति गणेश को मेरा प्रणाम है

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपति गणेश को, उमा पति महेश को

मेरा प्रणाम है जी, मेरा प्रणाम है जी

अनजानी के पूत को, राम जी के दूत को

मेरा प्रणाम है जी, मेरा प्रणाम है जी

कृष्ण कन्हैया को, दाऊ जी के भैया को

मेरा प्रणाम है जी, मेरा प्रणाम है जी

माँ शेरा वाली को, खंडे खप्पर वाली को

मेरा प्रणाम है जी, मेरा प्रणाम है जी

राम जिनका नाम है,

अयोध्या जिनका धाम है

ऐसे धनुर्धारी को हमारा प्रणाम है

हमारा प्रणाम है

कृष्णा जिनका नाम है

मथुरा जिनका धाम है

ऐसे मुरली बैजैया को हमारा प्रणाम है

हमारा प्रणाम है

शिव शंकर जिनका नाम है

कैलाश जिनका धाम है

ऐसे डमरू बैजैया को हमारा प्रणाम है

हमारा प्रणाम है

विष्णु जिनका नाम है

क्षीर सागर जिनका धाम है

ऐसे चक्र धारी को हमारा प्रणाम है

हमारा प्रणाम है

काली जिनका नाम है

कलकत्ता जिनका धाम है

ऐसी खप्पर वाली को हमारा प्रणाम है

हमारा प्रणाम है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।