साई तेरी लीला

पारंपरिक
माता लक्ष्मी भजन साईं भजन lakshmi
॥ पावन पाठ ॥

साई तेरी लीला तो सबने है जानी,

फकीरी का राजा साई बात सबने मानी,

साई तूने दीपक भी पानी से जलाये,

हर कोई लीला तेरी देखने को आये,

मनाई दिवाली तूने साई सुहानी,

तेरे हाथो में साई जादू का पानी,

साई तेरी लीला तो सबने है जानी,

फकीरी का राजा साई बात सबने मानी,

भक्ति से साई उसने तुझको रिजया,

लक्ष्मी को साई तूने अपना बनाया,

नो रूप थे उसके भक्ति में साई,

नो सिक्के फेके तूने बात ये बताई,

साई तेरी लीला तो सबने है जानी,

फकीरी का राजा साई बात सबने मानी,

रोग तूने कतया का साई भगाया,

पीड़ा को हर के उसको बचाया,

मयंक ही लीला तेरी सब को सुनाये,

साई नाम जपने से रोग मिट जाये

साई तेरी लीला को सबने है जानी

फकीरी का राजा साई बात सबने मानी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।