जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे

पारंपरिक
सूर्य देव भजन गुरुदेव भजन surya
॥ पावन पाठ ॥

जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे,

ज्ञान सूरज ज्ञान चंदर माँ के हम ज्ञान सितारे,

जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे,

ज्ञान सूर्य और ज्ञान चंद्र माँ लगा लगा कर विश्व के चकर,

ज्ञान सितारे तराश रहे है ज्ञान दार में मोती जड़ कर,

आशा के दीपक हम उनके वो निष् दिन हमें निहारे,

जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे,

कल्पना भी नहीं होगी किसी को प्रभु पालना में है हम है पले,

खोज खोज कर दुनिया हारी पाँव में अब तो पड़ गए छाले,

अपना ही नहीं वलकी वो तो है पालनहारे सबके सहारे,

जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे,

एक बून्द प्यासी दुनियां दुनिया वाले क्या ये जाने,

प्यार का सागर परम् पिता है दिल ये हमारा यही तो माने,

मानव ज्ञानी और देवता सबसे वो है न्यारे,

जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।