लिखन वालिया तू हो के निहाल लिखदे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन विविध भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

लिखन वालिया तू हो के दयाल लिखदे

मेरी तख्ती उत्ते राम ते गोपाल लिखदे

गणपति वी लिखदे भोला वी लिखदे

गौरा माँ दा पूरा पूरा हाल लिखदे

मेरी तख्ती उत्ते राम ते गोपाल लिखदे

राम वी लिखदे लक्ष्मण वी लिखदे

सीता माँ दा पूरा पूरा हाल लिखदे

मेरी तख्ती उत्ते राम ते गोपाल लिखदे

कृष्णा वी लिखदे दाऊ वी लिखदे

राधा माँ दा पूरा पूरा हाल लिखदे

मेरी तख्ती उत्ते राम ते गोपाल लिखदे

ब्रह्मा वी लिखदे विष्णु वी लिखदे

सरस्वती माँ दा पूरा पूरा हाल लिखदे

मेरी तख्ती उत्ते राम ते गोपाल लिखदे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।