ओये श्यामा मैं तां तेरी हो गयी

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओये श्यामा मैं तां तेरी हो गयी

कोई तेरा हो न हो कोई तेरा हो न हो

मैं तां तेरी हो गयी, ओये श्यामा मैं तां तेरी हो गयी

यमुन किनारे मोरी लडी थी नजरिया

काँटों में उलझ गयी मेरी चुनरिया

फूलों को छोड़ मैं तो कांटो में उलझ गयी

ओये श्यामा मैं तां तेरी हो गयी

जहर प्याला राणा मीरा बाई भेजिया

पल में प्रभु जी ने अमृत बना दिया

मीरा बाई मीरा बाई दुनिया नु दस गयी

ओये श्यामा मैं तां तेरी हो गयी

नाग पिटारा राणा मीरा बाई भेजिया

पल में प्रभु जी ने हार बना दिया

मीरा बाई मीरा बाई दुनिया नु दस गयी

ओये श्यामा मैं तां तेरी हो गयी

राधा का बी श्याम है तू मीरा का भी श्याम है

तेरे चरणों में मेरा बार बार परनाम है

दुनिया को भूल मैं तो चरणों में खो गयी

ओये श्यामा मैं तां तेरी हो गयी

जब तक चाँद सितारे रहेंगे

तब तक कन्हीया हमारे रहेंगे

तू चन्दा चकोर तेरी हो गयी

ओये श्यामा मैं तां तेरी हो गयी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।