दुनिया मे देव हजारो हैं

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया मे देव हजारो हैं, बजरंग बली का क्या कहना

इनकी शक्ति का क्या कहना, इनकी भक्ति का क्या कहना

दुनिया मे देव हजारो हैं, बजरंग बली का क्या कहना

ये सात समुन्दर लांग गए और गढ़ लंका मे कूद गए

रावन को डराना क्या कहना, लंका को जलाना क्या कहना

दुनिया मे देव हजारो हैं बजरंग बली का क्या कहना

जब लक्ष्मन जी बेहोश हुए, संजीवनी बूटी लाने गए

परबत को उठाना क्या कहना, लक्ष्मन को जिवाना क्या कहना

दुनिया मे देव हजारो हैं बजरंग बली का क्या कहना

‘बनवारी’ इनके सीने मे सिया राम की जोड़ी रहती है

ये राम दिवाना क्या कहना, गुण गाये जमाना क्या कहना

दुनिया मे देव हजारो हैं बजरंग बली का क्या कहना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।