साई साई जपले बंदे साई तुझे बचाये गा

रहीम दास
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

दुःख संकट से मुकति मिले गी जनम सफल हो जाये गा,

साई साई जपले बंदे साई तुझे बचाये गा,

सांसो की माला पे रटले तू शिरडी वाले का नाम,

व्याकुल मन को चैन मिले गा आएगा तुझको आराम,

कोई बला कोई आपत्ति तेरे नजदीक ना आये गई,

साई नाम की रट तुझे हर दुःख से तुझे बचाये गी,

साथ तेरे मैं रहु सदा तू जब जब ध्यान लगाए गा,

साई साई जपले बंदे साई तुझे बचाये गा,

कदम कदम पे उसको सहरा देंगे शिरडी के बाबा,

सामने उसके कभी ना आ पा ये गी कोई दुविद्या,

रोशनी खुशभु फूल काली साई के कदम को चूमे गी,

ख़ुशी के मारे सांगत भी साई के भजन में झूमे गी,

साई पालकी जो अपने कंधे पर उठा के जाएगा,

साई साई जपले बंदे साई तुझे बचाये गा,

ना कोई पहचान स्का साई ऐसा भोला भला है,

कोई कहे आल्हा का बंदा कोई कहे नन्द का लाला है,

हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सुन ले सबक साई का है राम रहीम का नाता है,

रिश्ता भाई भाई का है,

अब तो बंदे तोबा कर मुँह उसको कैसे दिखाए गा,

साई साई जपले बंदे साई तुझे बचाये गा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।