वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ पराई जाने रे

लता मंगेशकर
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

वैष्णव जन तो तेने कहिये जे, पीड़ पराई जाने रे |

पर दुख्खे उपकार करे तोये, मन अभिमान न आने रे ||

सकल लोक मान सहने वन्दे, निंदा न करे केनी रे |

वाच काछ मन निश्छल राखे, धन धन जननी तेनी रे ||

सम दृष्टि ने तृष्णा त्यागी, परस्त्री जेने मात रे |

जिव्हा थकी असत्य न बोले, पर धन नव झाली हाथ रे ||

मोह माया व्यापे नहीं जेने, दृढ वैराग्य जेना मन मा रे |

राम नाम शून ताली लागी, सकल तीरथ तेना तन मान रे ||

वन लोभी ने कपट रहित छे, काम क्रोध निवार्य रे |

भने नरसैय्यो तेनुं दर्शन करत, कुल एकोतेर तार्य रे ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।