हे रोम रोम मे बसने वाले राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हे रोम रोम मे बसने वाले राम,

जगत के स्वामी, हे अन्तर्यामी, मे तुझ से क्या मांगूं |

आप का बंधन तोड़ चुकी हूं, तुझ पर सब कुछ छोड़ चुकी हूं |

नाथ मेरे मै क्यूं कुछ सोचूं तू जाने तेरा काम ||

तेरे चरण की धुल जो पायें, वो कंकर हीरा हो जाएँ |

भाग मेरे जो मैंने पाया, इन चरणों मे ध्यान ||

भेद तेरा कोई क्या पहचाने, जो तुझ सा को वो तुझे जाने |

तेरे किये को हम क्या देवे, भले बुरे का नाम ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।