माझे माहेर पंढरी आहे भिवरेच्या तीरी

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

माझे माहेर पंढरी, आहे भिवरेच्या तीरी |

बाप आणि आई, माझी विठठल रखुमाई |

पुंडलीक राहे बंधू, त्याची ख्याती काय सांगू |

माझी बहीण चंद्रभागा, करीतसे पापभंगा |

एका जनार्दनी शरण, करी माहेरची आठवण |

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।