अब तो माधव मोही उभार

लक्ष्मी शंकर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब तो माधव मोही उभार |

दिवस बीते रैन बीती, बार बार पुकार ||

नाव है मझधार भगवान्, तीर कैसे पाए,

घिरी है घनघोर बदली पार कौन लगाये |

काम क्रोध समेत तृष्णा, रही पल छिन घेर,

नाथ दीनानाथ कृष्णा मत लगाओ देर |

दौर कर आये बचने द्रोपदी की लाज,

द्वार तेरा छोड़ के किस द्वार जाऊं आज |

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।