जो भजे हरि को सदा सोही परम पद पावेगा

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

जो भजे हरि को सदा, सोही परम पद पावेगा |

देह के माला, तिलक और छाप, नहीं किस काम के,

प्रेम भक्ति बिना नहीं नाथ के मन भावे |

दिल के दर्पण को सफा कर, दूर कर अभिमान को,

ख़ाक को गुरु के कदम की, तो प्रभु मिल जायेगा |

छोड़ दुनिए के मज़े सब, बैठ कर एकांत में,

ध्यान धर हरि का, चरण का, फिर जनम नही आयेगा |

द्रिड भरोसा मन मे करके, जो जपे हरि नाम को,

कहता है ब्रह्मानंद, बीच समाएगा |

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।