सारे विकारो से तू मुझको दूर कर दे बाबा,

पारंपरिक
शनि देव भजन शनि देव भजन shani
॥ पावन पाठ ॥

सारे विकारो से तू मुझको दूर कर दे बाबा,

निर्मल रूप दे कर मुझको करदे आबाद रे बाबा,

करदे आबाद रे बाबा,

सारे विकारो से तू मुझको.....

मैं तो सदा ही अकेला जगमे भटक रहा हु,

तेरी शरण में आया हु मैं अर्ज ये सुनले बाबा,

सारे विकारो से तू मुझको दूर कर दे बाबा,

तेरे भरोसे अपना जीवन बिता रहा हु,

मुझको गले लगा कर तू तो मुझसे निभा ले बाबा,

सारे विकारो से तू मुझको दूर कर दे बाबा,

तेरे बिना इस भव सागर में पार नहीं रे बाबा,

सपने संजोये जो भी मैंने करदे साकार तू बाबा,

सारे विकारो से तू मुझको दूर कर दे बाबा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।