राधा क्यूँ गोरी मैं क्यूँ काला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यशोमती मैया से बोले नंदलाला,

राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला |

बोली मुस्काती मैया, ललन को बताया,

काली अँधेरी आधी रात को तू आया |

लाडला कन्हीया मेरा काली कमली वाला, इसी लिए काला ||

बोली मुस्काती मैया, सुन मेरे प्यारे,

गोरी गोरी राधिका के नैन कजरारे |

काले नैनो वाली ने ऐसा जादू डाला, इसी लिए काला ||

इतने में राधा प्यारी आई बलखाती,

मैंने क्या जादू डाला, बोली इख्लाती |

मैया कन्हीया तेरा जग से निराला, इसी लिए काला ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।