बूटी हरि नाम की सबको पिलाके पी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन विविध भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बूटी हरि के नाम की सबको पिलाके पी ।

चितवन को चित के चोर से चित को चुराके पी ॥

अंतरा

पीने की तमन्ना है तो खुद मिटाके पी ।

ब्रम्हा ने चारो वेदों की पुस्तक बनाके पी ॥ बूटी ॥

शंकर ने अपने शीश पे गंगा चढ़ाके पी।

ठोकर से श्री राम ने पत्थर जगाके पी ।

बजरंग बली ने रावण की लंका जलाके पी ॥ बूटी ॥

पृथ्वी का भार शेष के सिर पर उठाके पी ।

बालि ने चोट बाण की सीने पर खाके पी ॥ बूटी ॥

अर्जुन ने ज्ञान गीता का अमृत बनाके पी ।

श्री जी बाबा ने भक्तों को भागवत सुनाके पी ॥ बूटी ॥

संतो ने ज्ञान सागर को गागर बनाके पी ।

भक्तों ने गुरु चरण रज मस्तक लगाके पी ॥ बूटी ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।