हनुमान जी आप बजरंग बली महावीर

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हनुमान जी आप बजरंग बली महावीर ||टेर||

भक्तजनों का काज सारिया,

जब जब पडी भक्तों पर भीर ||1||

चारों जुगां मेँ विचरण करता,

आपरो अजर अमर शरीर ||2||

संजीवनी कारण धौलागिरी धर लायो,

जब लाग्यो लक्षमण रे तीर ||3||

कर कमल में गदा धारी,

जडीया मोती नवलख हीर ||4||

मंगल शनि तो दिन आपरे,

तेल सिँदूर शोभे शरीर ||5||

माता सिया का पता लगाया,

श्रीराम को बंधाई धीर ||6||

पवनपुत श्रीराम के दुत,

आप उडता संग समीर ||7||

रमेश राँगी आपरो जस गावे,

दिज्यो सुख़ संपत अरु सीर ||8||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।