साईं के दीवानों में बस नाम हो मेरा,

पारंपरिक
माता सरस्वती भजन साईं भजन saraswati
॥ पावन पाठ ॥

साईं के दीवानों में बस नाम हो मेरा,

बाबा तेरी रहमत से साईं तेरी रहमत से सब काम हो मेरा,

साईं के दीवानों में बस नाम हो मेरा....

साईं तेरी उधि को मस्तक लगाऊ,

जबतक जीऊ मैं साईं तेरे गुण गाऊ

चरणों में तेरे पुहंचेगा पेगैम ये मेरा,

बाबा तेरी रहमत....

साईं तुझको है जिसने दिल से पुकारा,

शिर्डी के नाथ जी का मिल गया सहारा,

शारदा सबुरी भक्तो को इनाम है तेरा,

बाबा तेरी रहमत से सब काम हो मेरा,

साईं के दीवानों में बस नाम हो मेरा....

भक्ति तेरे नाम की साईं है मेरी शक्ति,

शिर्डी में मिल रही है साईं सबको मुक्ति,

मिल रही है मुक्ति साईं मिल रही है मुक्ति,

बाबा मेरे योगेश भी गुलाम है तेरा,

बाबा तेरी रहमत से सब.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।