हे महादेव मेरी लाज रहे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे महादेव मेरी लाज रहे |

मेरी लाज रहे, तेरा राज रहे ||

जहर कंठ में, नाग गले में, आग नयन में,

फिर भी अमृत तुम्ही लुटाते, इस त्रिभुवन में |

आज भगत पर भीड़ पड़ी है, फिर तुम कहाँ विराज रहे ||

नाथ बता दो इस मन्दिर में, विश्वनाथ हो,

आज दिखा दो कोई ना जिसका, उसके साथ हो |

रही गरीबी भगतो की फिर, कैसे गरीब निवाज रहे ||

भेट धरुं क्या, राम भक्त से, रामायण लो,

नारायण की अमर कथा को, नारायण लो |

राम सखा तुम, राम दास मै, कुछ तो नाथ लिहाज रहे ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।