जय राधा माधव जय कुंज बिहारी

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय राधा माधव जय कुंज बिहारी,

जय गोपी जन बलव गोवर्धन गिरधारी,

बनवाली गोपाला मधुसुधन बनवारी,

जय द्वारिका वासी जय बांके बिहारी,

जय राधा माधव जय कुंज बिहारी,

दामोधर गोविंदा वासुदेव बनचारी,

जय मुरलीधर श्याम जोगी राज हल्धारी,

जय राधा माधव जय कुंज बिहारी

जय जय यशोदा नंदन माधव मदन मुरारी,

घनश्याम कृष्ण मोहन जन्ताप कस्टधारी,

जय राधा माधव जय कुंज बिहारी

नरसी के सांवरिया मीरा के नगरिया,

तुसीदास के राम जय जय अवध बिहारी,

जय राधा माधव जय कुंज बिहारी,

तुका राम के विथल रन छोड़ पांडू रंगा,

सूरदास के श्याम राधा के रास बिहारी,

जय राधा माधव जय कुंज बिहारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।