आए हैं प्रभु श्री राम भरत फूले ना समाते हैं

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आए हैं प्रभु श्री राम,

भरत फूले ना समाते हैं ।

तन पुलकित मुख बोल ना आए,

प्रभु पद कमल रहे हिए लाये ।

भूमि पड़े हैं भरत जी,

उन्हें रघुनाथ उठाते हैं ॥

प्रेम सहित निज हिय से लगाए,

नैनो में तब जल भर आए ।

मिल के गले चारो भैया,

ख़ुशी के आंसू बहाते हैं ॥

नर नारी सब मंगल गावे,

नव से सुमन देव बरसावे ।

भक्त सभी जन मिल के,

अवध में दीपक जलाते हैं ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।