वो है दया के सागर

पारंपरिक
माता सरस्वती भजन साईं भजन saraswati
॥ पावन पाठ ॥

वो है दया के सागर ओ बाई,

बाबा शिर्डी के साईं,

आये जो बनके दर पे सवाली जाए ना कभी खाली,

सुनते है साईं सबकी दुआए दूर करदे सब वो बलाये,

खुद को कभी वो न रोक पाए बाबा को जो मन से भुलाये,

साईं तो देते है सबको सहारा करते है वो रख वाले,

आये जो बनके दर पे सवाली .....

बिछड़े हुए को साईं मिलाये ध्यान भगती में जो लगाये,

रोज सवेरे शारदा सुमन जो साईं के चरणों में चदाये,

साईं बन दे शक्ति से अपनी सुखी हुई हर डाली,

आये जो बनके दर पे सवाली....

साईं के जैसा कोई नही है महिमा बाबा की सबसे निराली,

निर्धन को माया कोडी को काया बांज की बरदे झोली खाली,

ये सारी दुनिया है एक गुलशन साईं तो इसके मालिक,

आये जो बनके दर पे सवाली....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।