शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ ।

पग पग ठोकर खाऊं, चल ना पाऊं, कैसे आऊं मैं घर तेरे ॥

हाथ पकड़ ले हाथ बढ़ा दे, अपने मंदिर तक पहुंचा दे ।

सर पर दुःख की रैना, नाही चैना, प्यासे नैना दर्शन के ॥

जग में जिसका नाम है जीवन, इक युग है संग्राम है जीवन ।

तेरा नाम पुकारा, दुःख का मारा, हारा माँ इस जीवन से ॥

तेरे द्वारे जो भी आया, उसने जो माँगा वो पाया ।

मैं भी तेरा सवाली, शक्तिशाली शेरों वाली माँ जगदम्बे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।