यो नटवर नंद का लाल

रहीम दास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यो नटवर नंद का लाल मेरे मन बस ग्यो रे,

घायल की गत घायल जाने,

मैं जाऊँगी यमुना किनारे,

जहां रास रचावे नंद लाल, मेरे मन बस ग्यो रे....

जब बाजे मेरी श्याम की मुरलिया,

छम छम नाचूँ मैं बांध के घुँघरिया,

उठ रहीमन में झंकार, मेरे मन बस ग्यो रे....

जग मस्तानी मुझे कहने लग है,

नीर मेरे मन से बहने लगा है,

कौन जाने मेरे दिल का हाल, मेरे मन बस ग्यो रे....

मन मोहन मेरा श्याम सलोना,

कभी खेले कभी बने खिलौना,

मोह लिया सारा संसार, मेरे मन बस ग्यो रे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।