बरसत है रंग राम

रहीम दास
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बरसत है रंग राम रहीमी साईं नाथ के आंगन में,

आओ रे भगतो होली खेले साईं नाथ के आंगन में,

रंग जो मेरे साईं का है प्यार महोबत वाला,

रंगों की बरसात है भाई साईं नाथ के आंगन में,

बरसत है रंग राम रहीमी साईं नाथ के आंगन में

हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सबकी झोली भरती,

मिल जाती है भीख दया की साईं नाथ के आंगन में,

बरसत है रंग राम रहीमी साईं नाथ के आंगन में,

शिर्डी धाम की बस्ती में भी मस्ती गोकुल वाली,

मस्त हुए है सब नर नारी साईं नाथ के आंगन में,

बरसत है रंग राम रहीमी साईं नाथ के आंगन में,

राम कृष्ण विष्णु और ब्रम्हा है शिर्डी में आये,

शाई हुई है प्यार की मस्ती साईं नाथ के आंगन में,

बरसत है रंग राम रहीमी साईं नाथ के आंगन में,

आओ रे भगतो होली खेले साईं नाथ के आंगन में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।