रावणा के देश गयो

संत तुलसीदास
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

रावणा के देश गयो,

सीया का संदेशो लायो ।

कबहू ना किनी वो तो बात अभिमान की ॥

छिन में समुंदर कूदे पल में पहाड़ लाये

लाये संजीवन बूटी लक्ष्मण के प्राण की

रावणा के देश गयो ॥

जब जब भीड़ पड़ी, तब तब आ सहाय करी

लंका तो फूँक आये रावण बेईमान की

रावणा के देश गयो ॥

कह भाई भरत दुहाई दशरथ की

जो न होते पवनसुत आवती ना जानकी

रावणा के देश गयो ॥

तुलसीदास बलिहारी हो धनुर्धारी

कहॉंतक बड़ाई करुँ वीर हनुमान की

रावणा के देश गयो॥

सीया का संदेशो लायो॥

कबहू ना किनी वो तो बात अभिमान की ॥॥

मनोज शर्मा

श्री बाला जी 7425046948

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।