छोड़ झमेला झूठे जग का

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छोड़ झमेला झूठे जग का, कह गए दास कबीर ।

पार लगायेंगे एक पल में तुलसी के रघुवीर ॥

भूल भुलयिया जीवन तेरा, साचो नाम प्रभु को ।

मन में बसा ले आज तू बन्दे, ले कर नाम गुरु को ।

सूरदास के श्याम हरेंगे जनम जनम की पीड़ ॥

तेरा मेरा दिन भर करता, पर तेरा कछु नहीं ।

माटी का यह खेल है यह सारा, मिलेगा माटी माहि ।

मीरा जी के ईश बुलाये सब को यमुना तीर ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।