पत्ते पत्ते डाली डाली मेरा राम वसदा

पारंपरिक
श्री राम गुरु वाणी राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

पत्ते पत्ते डाली डाली,

मेरा राम वसदा,

सारी सृष्टि दा है वाली,

मेरा राम सबदा।।

किसने जानी राम जी माया,

किसने भेद राम दा है पाया,

ऋषि मुनियां ने इस नू ध्याया,

मेरा राम सबदा,

पत्तें पत्तें डाली डाली,

मेरा राम वसदा।।

ए संसार है राम दा मंदिर,

राम ही रमैया सब दे अन्दर,

वसदा मेरे वी मन अंदर,

मेरा राम सबदा,

पत्तें पत्तें डाली डाली,

मेरा राम वसदा।।

राम दे रूप दी छटा निराली,

अखियां पीवन भर भर प्याली,

दर तो जावा ना मैं खाली,

मेरा राम सबदा,

पत्तें पत्तें डाली डाली,

मेरा राम वसदा।।

सब दे मालिक पालन हारे,

दर्शन दे मेरे राम प्यारे,

राहवां तक तक नैना हारे,

करा मैं सजदा,

पत्तें पत्तें डाली डाली,

मेरा राम वसदा।।

पत्ते पत्ते डाली डाली,

मेरा राम वसदा,

सारी सृष्टि दा है वाली,

मेरा राम सबदा।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।